
मंगल दोष निवारण पूजा मंगल दोष के कारण विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए
मंगल दोष निवारण पूजा एक शक्तिशाली वैदिक अनुष्ठान है जो कुंडली में उपस्थित मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए किया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनकी कुंडली में मंगली दोष (कुज दोष) होता है, जो विवाह में देरी, वैवाहिक समस्याओं, गुस्से और जीवन में अस्थिरता का कारण बनता है। यह पूजा मंगल ग्रह को शांत करती है, सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है, और वैवाहिक सुख एवं आत्मविकास में सहायक होती है।
मंगली दोष के कारण हो रही शादी में रुकावट को दूर करता है।
गुस्से और दाम्पत्य जीवन में होने वाले झगड़ों को कम करता है।
दंपतियों और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ाता है।
अशुभ मंगल को शांत करके साहस, आत्मबल और ऊर्जा को सही दिशा में लगाता है।
शादी और करियर दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम लाता है।
पूजा की शुरुआत विघ्नों के नाश हेतु श्री गणेश जी की वंदना से होती है।
एक पवित्र कलश स्थापित कर उसमें देवताओं का आवाहन किया जाता है।
पूजा का उद्देश्य बताकर नाम और गोत्र सहित संकल्प लिया जाता है।
सभी नौ ग्रहों की पूजा की जाती है, विशेषकर मंगल ग्रह का शांति हेतु।
"ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" का 11,000 या अधिक बार जाप।
दूध, घी आदि से मंगल यंत्र का अभिषेक किया जाता है।
विशेष मंत्रों और सामग्री से हवन कर मंगल दोष की शांति की जाती है।
ब्राह्मणों को भोजन और दक्षिणा देकर पूजा का समापन होता है।
कलश स्थापना में उपयोग होता है।

अभिषेक और प्रतिष्ठा हेतु।

मंगल देव को अर्पित करने के लिए।
