Sacred Puja
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मंगल दोष निवारण पूजा

मंगल दोष निवारण पूजा मंगल दोष के कारण विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए

राम मंदिर
मंगल दोष निवारण पूजा

About the Puja

मंगल दोष निवारण पूजा एक शक्तिशाली वैदिक अनुष्ठान है जो कुंडली में उपस्थित मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए किया जाता है। यह पूजा विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनकी कुंडली में मंगली दोष (कुज दोष) होता है, जो विवाह में देरी, वैवाहिक समस्याओं, गुस्से और जीवन में अस्थिरता का कारण बनता है। यह पूजा मंगल ग्रह को शांत करती है, सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है, और वैवाहिक सुख एवं आत्मविकास में सहायक होती है।

Key Benefits

विवाह में विलंब से मुक्ति

मंगली दोष के कारण हो रही शादी में रुकावट को दूर करता है।

गुस्से और विवाद में कमी

गुस्से और दाम्पत्य जीवन में होने वाले झगड़ों को कम करता है।

संबंधों में समरसता लाता है

दंपतियों और परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ाता है।

मंगल ऊर्जा को संतुलित करता है

अशुभ मंगल को शांत करके साहस, आत्मबल और ऊर्जा को सही दिशा में लगाता है।

विवाह और करियर में लाभकारी

शादी और करियर दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम लाता है।

The Process

1. गणेश वंदना

पूजा की शुरुआत विघ्नों के नाश हेतु श्री गणेश जी की वंदना से होती है।

2. कलश स्थापना

एक पवित्र कलश स्थापित कर उसमें देवताओं का आवाहन किया जाता है।

3. संकल्प

पूजा का उद्देश्य बताकर नाम और गोत्र सहित संकल्प लिया जाता है।

4. नवग्रह पूजन

सभी नौ ग्रहों की पूजा की जाती है, विशेषकर मंगल ग्रह का शांति हेतु।

5. मंगल बीज मंत्र जाप

"ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" का 11,000 या अधिक बार जाप।

6. मंगल यंत्र अभिषेक

दूध, घी आदि से मंगल यंत्र का अभिषेक किया जाता है।

7. हवन और आहुति

विशेष मंत्रों और सामग्री से हवन कर मंगल दोष की शांति की जाती है।

8. ब्राह्मण भोज एवं दक्षिणा

ब्राह्मणों को भोजन और दक्षिणा देकर पूजा का समापन होता है।

Frequently Asked Questions

Devotee Experiences

Transformations experienced by our participants.

"Pandit explained rituals beautifully and patiently."

N

Nisha Agarwal

1 month ago

"Happy with the puja. Everything was arranged nicely. Positive experience."

R

Reyansh Kumar

3 months ago

"Five star service! Everything was on time, rituals were proper and blessings were felt."

K

Krishna Pandey

5 months ago