Sacred Puja
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पितृ प्रसन्नार्थ पितृ गायत्री जाप (सामूहिक)

पितरों की शांति, पितृ दोष निवारण एवं परिवार की उन्नति हेतु सामूहिक पितृ गायत्री जाप।

राम मंदिर
पितृ प्रसन्नार्थ पितृ गायत्री जाप (सामूहिक)

About the Puja

पितृ प्रसन्नार्थ पितृ गायत्री जाप (सामूहिक) एक विशेष सामूहिक अनुष्ठान है जो पितरों की शांति, संतुष्टि एवं आशीर्वाद प्राप्ति के लिए किया जाता है। जब पितृ असंतुष्ट होते हैं तो: विवाह में विलंब आर्थिक समस्याएँ पारिवारिक कलह मानसिक तनाव उन्नति में बाधा जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। पितृ गायत्री मंत्र जाप द्वारा पितृ दोष शांत होता है, पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि आती है। सामूहिक जाप में कई श्रद्धालु मिलकर भाग लेते हैं, जिससे मंत्र शक्ति का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। कृपया ध्यान दें: यह पूजा केवल तभी संपन्न की जाएगी जब न्यूनतम 10 बुकिंग प्राप्त हो जाएंगी।

Key Benefits

पितरों की शांति एवं संतुष्टि

यह जाप पितरों की आत्मा को शांति एवं संतुष्टि प्रदान कर उनके आशीर्वाद को जीवन में स्थापित करता है।

पितृ दोष निवारण

कुंडली में उपस्थित पितृ दोष के दुष्प्रभाव को कम कर जीवन में बार-बार आने वाली बाधाओं को दूर करता है।

पारिवारिक सुख-शांति

परिवार में प्रेम, एकता और मानसिक संतुलन स्थापित करता है।

आर्थिक एवं करियर स्थिरता

पूर्वजों से संबंधित बाधाओं को दूर कर आर्थिक उन्नति और करियर में स्थिरता प्रदान करता है।

सामूहिक मंत्र शक्ति का प्रभाव

सामूहिक जाप के कारण मंत्रों की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है, जिससे सकारात्मक परिणाम शीघ्र प्राप्त होते हैं।

The Process

1. लाइव ग्रुप पूजा (पैकेज सहित)

बुकिंग के बाद, चयनित तिथि पर पूजा सामूहिक (ग्रुप) रूप में संपन्न की जाती है और सभी श्रद्धालुओं के लिए इसका लाइव प्रसारण किया जाता है। पूजा के दौरान पंडित जी सभी भक्तों के नाम और गोत्र का उच्चारण कर संकल्प लेते हैं, जिससे सभी को एक साथ संयुक्त आध्यात्मिक आशीर्वाद प्राप्त होता है।

1. बुकिंग एवं संकल्प विवरण

बुकिंग के बाद साधक अपना नाम, गोत्र (यदि ज्ञात हो) एवं पारिवारिक विवरण संकल्प हेतु प्रदान करते हैं।

2. वैदिक पंडितों द्वारा संकल्प

अनुभवी वैदिक पंडित आपके नाम से व्यक्तिगत संकल्प लेकर सामूहिक पितृ गायत्री जाप प्रारंभ करते हैं।

3. सामूहिक पितृ गायत्री जाप

विधि-विधान सहित सामूहिक पितृ गायत्री मंत्र जाप किया जाता है जिससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त हो।

4. पितृ शांति प्रार्थना

पूर्वजों की शांति, संतुष्टि एवं मोक्ष हेतु विशेष प्रार्थनाएं अर्पित की जाती हैं।

5. आशीर्वाद एवं पूर्णाहुति

अंत में पूर्णाहुति एवं आशीर्वाद के साथ अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है, जिससे परिवार में सुख-शांति और पितृ दोष निवारण होता है।

Frequently Asked Questions

Devotee Experiences

Transformations experienced by our participants.

"Pleasant experience for the whole family."

V

Vihaan Singh

14 days ago

"Five star service! Everything was on time, rituals were proper and blessings were felt."

A

Ayaan Verma

1 month ago

"Beautiful experience! Very authentic and traditional. We felt the divine blessings throughout."

T

Tanvi Rao

2 months ago